Tuesday, May 8, 2012


  दिन जैसे जैसे उम्र की संध्या की ओर बढ़ते  है

न जाने क्यूँ हम उन्हें और याद करने लगते हैं

अब वक़्त की किल्ल्लत और खुदा की मिन्नत का  लेखा जोखाकौन करे

neelam mishra 


Saturday, May 5, 2012

धूप

 ऊंचे मेहराबों से उतरती हुई

. गुजरती हुई सफ़ेद बालों के बीच से

 ठिठक कर खड़ी हो जाती अनायास

 नहीं जानती कि किस तरफ मुड़ना है

 देखना है किस तरफ .......

 बस हलकी सी यादों की दस्तक देती हुई

 गुजर जाती है ,किसी सिसकी के साथ

Thursday, January 19, 2012

चिड़ियों को दाने बच्चों को गुडधानी दे मौला ................

या अल्लाह ये मासूमियत बनी रहे

छोटी सी मासूम सी
वो लड़की घर से आने की जिद में ,माँ से जल्दी करने को कहती है ,आज उसे tution की क्लास में दूसरा दिन है ,उसे लगता है कि देर हो जायेगी और शायद मैम उसे गुस्सा करेंगी या फिर पढ़ाने को मना कर देंगी ,वो माँ को जल्दी करने को कहती है ,और उस बाल मन की समझ से अप्रतायशित देर होते देख कर उसकी आँख में आंसू आ जाते है , उसके दूध से सफ़ेद गालों पर दोनों तरफ बनी काली लकीरें अहसास करा देती हैं की वो सीधे रोती हुई घर से आ रही है ,मेरे पूछने पर वो धीरे से सब बता देती है ,और मेरे दिल से सिर्फ दुआ निकलती हैं इन मासूम बच्चों के लिए............................................................ या अल्लाह इन की मासूमियत बनी रहे ,


चिड़ियों को दाने बच्चों को गुडधानी दे मौला ...................निदाफाजली

Wednesday, January 18, 2012

रंगरेज .................................

रंगरेजा ..................
तू कबीर है ,तू फकीर है ,
तेरा दिल और तू सबसे अमीर है
रंगरेज ............
एक चुनर मेरी भी ...........
रंग कोई भी ...........
सारे तो प्यारे हैं
रंगरेज
एक सांस मेरी भी
जो जाए बिना आह्ट
बिना किसी शिकायत
बिना किसी दीन ईमान के
ओ मेरे रंगरेज
रख सबसे बड़ी दुआ मेरे
दामन में ...........
रंगरेजा इत्ती बड़ी हस्ती
सारा दिन फाकामस्ती
रंगरेजा ..................

Friday, December 16, 2011

कोई तेरा वो सपना

लाख हो मंजिलें कठिन ,
कितनी भी राहें हो पथरीली ,
हो हौसला आगे बढ़ने का ,
तो हो जायेंगी
हर मुश्किल आसाँ
हर दुस्वार सफ़र
हर पल आसाँ
कर यकीन ,
रख यकीन अपना ,
नहीं ले सकता
तेरी आँखों से
कोई तेरा वो सपना

Friday, December 2, 2011

पारे की सी आब जो रखता है

दिल दरिया तो कभी समंदर
दिल शीशा तो कभी पत्थर

पारे की सी आब जो रखता है ...............


दिल दर्द दिल दवा
दिल मुजरिम दिल मुंसिफ

मरहम पाने की आस जो रखता है.............


दिल तमाशा दिल प्यासा
दिल दुनिया दिल तिनका

झरोखे की चाह में एक दीवार जो रखता है .............

Thursday, December 1, 2011

पर तुम अपने कपड़े रोज बदलते रहे .......

जो मै कहूँ जरूरी नहीं,
वो तुम सुनो ही
पर कभी तो वो सुनो
जो हम न कह सके ,
इसी उम्मीद में
ऊम्र गुजर गयी
पर तुम कतई
नहीं बदले ..........,
पर तुम अपने कपड़े रोज बदलते रहे ........