मेरे दिल ने कहा कि ख़ुदा हो तुम
पर दिमागने कहा, धत तेरे की
अब इतने भी सच्चे नहीं सनम तुम
नीलम मिश्रा
पर दिमागने कहा, धत तेरे की
अब इतने भी सच्चे नहीं सनम तुम
नीलम मिश्रा
क्या अमरों का लोक मिलेगा तेरी करुणा का उपहार? रहने दो हे देव! अरे यह मेरा मिटने का अधिकार