या अल्लाह ये मासूमियत बनी रहे
छोटी सी मासूम सी
वो लड़की घर से आने की जिद में ,माँ से जल्दी करने को कहती है ,आज उसे tution की क्लास में दूसरा दिन है ,उसे लगता है कि देर हो जायेगी और शायद मैम उसे गुस्सा करेंगी या फिर पढ़ाने को मना कर देंगी ,वो माँ को जल्दी करने को कहती है ,और उस बाल मन की समझ से अप्रतायशित देर होते देख कर उसकी आँख में आंसू आ जाते है , उसके दूध से सफ़ेद गालों पर दोनों तरफ बनी काली लकीरें अहसास करा देती हैं की वो सीधे रोती हुई घर से आ रही है ,मेरे पूछने पर वो धीरे से सब बता देती है ,और मेरे दिल से सिर्फ दुआ निकलती हैं इन मासूम बच्चों के लिए............................................................ या अल्लाह इन की मासूमियत बनी रहे ,
चिड़ियों को दाने बच्चों को गुडधानी दे मौला ...................निदाफाजली
क्या अमरों का लोक मिलेगा तेरी करुणा का उपहार? रहने दो हे देव! अरे यह मेरा मिटने का अधिकार
Thursday, January 19, 2012
Wednesday, January 18, 2012
रंगरेज .................................
रंगरेजा ..................
तू कबीर है ,तू फकीर है ,
तेरा दिल और तू सबसे अमीर है
रंगरेज ............
एक चुनर मेरी भी ...........
रंग कोई भी ...........
सारे तो प्यारे हैं
रंगरेज
एक सांस मेरी भी
जो जाए बिना आह्ट
बिना किसी शिकायत
बिना किसी दीन ईमान के
ओ मेरे रंगरेज
रख सबसे बड़ी दुआ मेरे
दामन में ...........
रंगरेजा इत्ती बड़ी हस्ती
सारा दिन फाकामस्ती
रंगरेजा ..................
तू कबीर है ,तू फकीर है ,
तेरा दिल और तू सबसे अमीर है
रंगरेज ............
एक चुनर मेरी भी ...........
रंग कोई भी ...........
सारे तो प्यारे हैं
रंगरेज
एक सांस मेरी भी
जो जाए बिना आह्ट
बिना किसी शिकायत
बिना किसी दीन ईमान के
ओ मेरे रंगरेज
रख सबसे बड़ी दुआ मेरे
दामन में ...........
रंगरेजा इत्ती बड़ी हस्ती
सारा दिन फाकामस्ती
रंगरेजा ..................
Friday, December 16, 2011
कोई तेरा वो सपना
लाख हो मंजिलें कठिन ,
कितनी भी राहें हो पथरीली ,
हो हौसला आगे बढ़ने का ,
तो हो जायेंगी
हर मुश्किल आसाँ
हर दुस्वार सफ़र
हर पल आसाँ
कर यकीन ,
रख यकीन अपना ,
नहीं ले सकता
तेरी आँखों से
कोई तेरा वो सपना
कितनी भी राहें हो पथरीली ,
हो हौसला आगे बढ़ने का ,
तो हो जायेंगी
हर मुश्किल आसाँ
हर दुस्वार सफ़र
हर पल आसाँ
कर यकीन ,
रख यकीन अपना ,
नहीं ले सकता
तेरी आँखों से
कोई तेरा वो सपना
Friday, December 2, 2011
पारे की सी आब जो रखता है
दिल दरिया तो कभी समंदर
दिल शीशा तो कभी पत्थर
पारे की सी आब जो रखता है ...............
दिल दर्द दिल दवा
दिल मुजरिम दिल मुंसिफ
मरहम पाने की आस जो रखता है.............
दिल तमाशा दिल प्यासा
दिल दुनिया दिल तिनका
झरोखे की चाह में एक दीवार जो रखता है .............
दिल शीशा तो कभी पत्थर
पारे की सी आब जो रखता है ...............
दिल दर्द दिल दवा
दिल मुजरिम दिल मुंसिफ
मरहम पाने की आस जो रखता है.............
दिल तमाशा दिल प्यासा
दिल दुनिया दिल तिनका
झरोखे की चाह में एक दीवार जो रखता है .............
Thursday, December 1, 2011
पर तुम अपने कपड़े रोज बदलते रहे .......
जो मै कहूँ जरूरी नहीं,
वो तुम सुनो ही
पर कभी तो वो सुनो
जो हम न कह सके ,
इसी उम्मीद में
ऊम्र गुजर गयी
पर तुम कतई
नहीं बदले ..........,
पर तुम अपने कपड़े रोज बदलते रहे ........
वो तुम सुनो ही
पर कभी तो वो सुनो
जो हम न कह सके ,
इसी उम्मीद में
ऊम्र गुजर गयी
पर तुम कतई
नहीं बदले ..........,
पर तुम अपने कपड़े रोज बदलते रहे ........
Friday, November 25, 2011
चाँद तो अब भी.........
चाँद तो अब भी.........
क्याहुआ जो नहीं पूछा,
उन्होंने गर हाल कभी
क्या हुआ गर दिल से,
दिल दूर ही सही
क्या हुआ गर,
मेरी गली अब
तेरी गली नहीं
चाँद तो अब भी
पूरे शहर पे काबिज़ है ...............
क्याहुआ जो नहीं पूछा,
उन्होंने गर हाल कभी
क्या हुआ गर दिल से,
दिल दूर ही सही
क्या हुआ गर,
मेरी गली अब
तेरी गली नहीं
चाँद तो अब भी
पूरे शहर पे काबिज़ है ...............
Monday, October 31, 2011
एक याद
एक याद
बचपन से यौवन की दहलीज ,
गंगा का किनारा , मौजों की कंदील ,
हम सब का दौड़ना ,दौड़ते हुए अर्घ्य देना ,
पूरे बदन का ठंडा होना ,और कॉफी का पीना
जाते हुए उस टैग को देखना ..........."follow me "
बचपन से यौवन की दहलीज ,
गंगा का किनारा , मौजों की कंदील ,
हम सब का दौड़ना ,दौड़ते हुए अर्घ्य देना ,
पूरे बदन का ठंडा होना ,और कॉफी का पीना
जाते हुए उस टैग को देखना ..........."follow me "
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