Monday, September 17, 2012

एक डोरी में ..........


नाजुक एक रूई के फाहे सा
कभी , लोहे के फौलाद जैसा .....
कभी , उलझा होता पर सुलझा कभी ,
एक डोरी में ..........

नीलम मिश्रा

रिश्ते नकली ,

रिश्ते नकली ,
मुखौटे असली 
आगे अन्धकार 
उसके आगे ..........
सिर्फ खतरा है जनाब .....
नीलम मिश्रा

तुम्हे माफ़ कर दे.....

इतने दिनों बाद तुम्हे देखा 
वैसे ही हो अभी तक ...
पैसे की चर्बी जो सभी पर चढ़ती है 
तुम पर अभी तक चढ़ी क्यूँ नहीं 
सुना है सबको धता बताकर,
सबके हिस्से का हड़प रहे हो ,
वाहवाही ,नेकनामी और सारी चांदी
ईश्वर करे कि वो तुम्हे न देखे 
और तुम्हे माफ़ कर दे........
नीलम मिश्रा

उसे जालिम न कहो

उसे जालिम न कहो उसका ऐतबार करो .......

ये दिल भी भला कही सुनता किसीकी कभी है .............

नीलम मिश्रा

बोलो ता रा रा रा रा

कौवी ने कहा कौए से 
मै काली तू भी काला
तू कर्कश मै भी कर्कशा 
फिर तेरे मेरे बीच में 
झगडा कैसा यारा ........
बोलो ता रा रा रा रा 
नीलम मिश्रा :)

Sunday, September 16, 2012

अश्क मोती बनते हैं .

अश्क मोती बनते हैं .
जब वो किसी और के हो 
और आपके दामन में गिरते है ..........
नीलम मिश्रा

या खुदा .........


वो राहगीर था मेरी तरह
उसे मंजिल उसकी मिले
मुझे मंजिल अपनी
चाहे   हो राहें जुदा- जुदा
या खुदा .........